आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए 10वीं के बाद कौन सा विषय चुने और बारहवीं के बाद कौन सा कोर्स करे? From subject selection after 10th grade to courses after 12th grade, entrance exams, study duration, and career opportunities.
10वीं के बाद विषय चयन से लेकर, 12वीं के बाद कोर्स, प्रवेश परीक्षा, पढ़ाई की अवधि और करियर के अवसर तक। From subject selection after 10th grade to courses after 12th grade, entrance exams, study duration, and career opportunities.
10वीं के बाद विषय चयन
अगर कोई छात्र/छात्रा
भविष्य में आयुर्वेदिक डॉक्टर बनना चाहता है, तो 10वीं के बाद साइंस स्ट्रीम चुनना
जरूरी है।
- अनिवार्य
विषय:
- 12वीं (PCB) में अच्छे अंक ज़रूरी हैं, ताकि प्रवेश परीक्षा में प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिल सके।
12वीं के बाद पढ़ाई
का रास्ता
मुख्य कोर्स: BAMS
(Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery)
- अवधि:
5½ साल (4½ साल की पढ़ाई + 1 साल की इंटर्नशिप)
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प्रवेश के लिए जरूरी
टेस्ट
- NEET-UG
(National Eligibility cum Entrance Test)
- पात्रता
(Eligibility):
- 12वीं में PCB विषय
- न्यूनतम 50% अंक (आरक्षित वर्ग को छूट)
- न्यूनतम आयु: 17 वर्ष
आयुर्वेदिक डॉक्टर के
रोजगार के अवसर
1.
सरकारी
सेक्टर
o
सरकारी
आयुर्वेदिक अस्पताल
o
AYUSH
मंत्रालय के तहत स्वास्थ्य केंद्र
o
आयुर्वेदिक
रिसर्च संस्थान
2.
निजी
सेक्टर
o
प्राइवेट
आयुर्वेदिक क्लीनिक/हॉस्पिटल
o
वेलनेस
सेंटर और पंचकर्म थेरेपी सेंटर
o
हर्बल
फार्मास्यूटिकल कंपनियां
3.
शैक्षणिक
क्षेत्र
o
आयुर्वेदिक
कॉलेज में प्रोफेसर/लेक्चरर
o
रिसर्च
और ट्रेनिंग
स्वरोजगार के अवसर
- अपना
आयुर्वेदिक क्लिनिक खोलना
- पंचकर्म
और वेलनेस सेंटर
- हर्बल
मेडिसिन मैन्युफैक्चरिंग और सेल्स
- ऑनलाइन
हेल्थ कंसल्टेंसी
- कॉरपोरेट
हेल्थ प्रोग्राम्स
- आयुर्वेदिक
टूरिज़्म और रिट्रीट्स
निष्कर्ष
अगर आप 10वीं के बाद
सही विषय (PCB) लेकर 12वीं पास करते हैं और NEET-UG क्वालिफाई करते हैं, तो आप
BAMS में दाखिला लेकर 5½ साल में आयुर्वेदिक डॉक्टर बन सकते हैं। यह क्षेत्र भारत में
परंपरागत चिकित्सा और प्राकृतिक उपचार के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण तेजी से बढ़
रहा है, और इसमें सरकारी नौकरी से लेकर अपना व्यवसाय शुरू करने तक कई संभावनाएं हैं।

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