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कृषि आधारित लघु उद्योगों की जानकारी .

 


कृषि आधारित लघु उद्योगों की मांग आज के समय में बहुत तेजी से बढ़ रही है, विशेष रूप से ग्रामीण, अर्ध-ग्रामीण और महानगरों के पास के गांवों में। ये उद्योग ना केवल स्थानीय संसाधनों पर आधारित होते हैं, बल्कि बहुत कम लागत या शून्य निवेश (₹0) में भी शुरू किए जा सकते हैं। नीचे कम लागत/0 इन्वेस्टमेंट में शुरू किए जा सकने वाले कृषि आधारित लघु उद्योगों की सूची दी जा रही है :  साथ ही जानकारी भी।

 

कृषि आधारित लघु उद्योगों की सूची (Low/No Investment Based)

1.         गोबर से कंडे, खाद और बायोगैस बनाना

2.         वर्मी कम्पोस्ट खाद निर्माण,        जैविक खेती को बढ़ावा

3.         हर्बल चाय/दवा बनाना,  औषधीय पौधों से

4.         आचार (अचार) और मुरब्बा बनाना,        मौसमी फल/सब्ज़ियों से

5.         देसी बीज और पौधे बेचने का व्यवसाय,   नर्सरी/बीज बैंक

6.         फूलों की खेती और गुलदस्ता बनाना,      मंदिर/होटल/ इवेंट में सप्लाई

7.         घरेलू पालतू पशु चारा पैक करना,           पशुपालकों के लिए

8.         मूंगफली/सरसों/नारियल तेल निकालना, घरेलू तेल मिल

9.         अनाज/दालें साफ कर पैक करना           ब्रांडिंग के साथ

10.       पत्तल/दोनापत्तल/इको-फ्रेंडली बैग बनाना,          प्राकृतिक पत्तों से

) 11.       फल-सब्जी चिप्स और स्नैक्स (Snacks) बनाना,       ग्रामीण फूड प्रोसेसिंग

12.       मशरूम उत्पादन

13.       मधुमक्खी पालन और शहद विक्रय,         प्राकृतिक शहद

14.       नींबू/इमली/टमाटर से पाउडर बनाना,    मसाला उद्योग

15.       पशुपालन से डेयरी/दूध और डेयरी उत्पाद

16.        मुरमुरे बनाना

17.        चावल मिल

18.        चिवड़ा/पोहा मिल

19.       दाल मिल

20.       गुड़, बूरा, बताशे  बनाने की इकाई

21.       गेहूं और अनाज का आटा बनाकर, पैक करके बेचने की इकाई

22.       भण्डारण केंद्र

23.       दूध, पनीर, दही, मक्खन बनाकर और पैक करके बेचना (पशुपालन नहीं )

24.       कपड़ा उद्योग : सूती, ऊनी, रेशमी, जूट, कृत्रिम रेशे से बने कपड़े

25.       रेशम कीट पालन और रेशम धागा निर्माण

26.       सीप से मोती बनाना

27.       कृषि कार्य, खेती, अन्नाज/फल/सब्जी/उत्पादन (जमीन पर खेती करना)

28.        जैविक ईंधन :  इथेनॉल और बायोडीजल जैसे ईंधनों का उत्पादन |

29.        बायोगैस प्लांट

30.       कृषि में उपयोग होने वाले उपकरणों की सेवा इकाई

31.       कृषि में उपयोग होने वाले कच्चे माल की बिक्री

32.       सूती वस्त्र उद्योग

33.       चीनी उद्योग

34.       फल/सब्जियों की खेती और बिक्री

35.       जूस बनाकर, पैक करके , बेचना

36.       गजक/रेवडी बनाकर, पैक करके  बेचना

37.       जैम और जेली बनाना, पैक करके बेचना

38.       अचार बनाना, पैक करके बेचना

39.       जैम, जैली बनाना

40.       पापड़, बड़ी, स्नैक्स, कुरकुरे, चिप्स बनाना

41.       फलों और सब्जियों की  डिब्बाबंदी करना और बेचना

42.       फ्रोज़न फल और सब्जियां बनाना

43.       दूध का प्रसंस्करण और पैकेजिंग

44.       गाय/भैंस का देशी घी बनाकर बेचना

45.       गाय के गोबर से अगरबत्ती, धूपबत्ती, कंडे/लकड़ी बनाकर पैक करके बेचना

46.       औषधीय और सुंगधिय पौधों की खेती

47.       औषधि निर्माण

48.       सुंगंधित तेल बनाना

49.       झाड़ू बनाना

50.       जूट के बेग, रस्सी बनाना

51.       फूलों की खेती

52.       हस्तशिप उत्पाद बनाना

53.       मिटटी के बर्तन, और सजावटी सामान बनाना

54.       हवन की सामग्री बनाना, पैक करके बेचना

55.       हवन की लकड़ी बनाना, पैक करके बेचना

56.       हर्बल चॉकलेट, फ्रूट कैंडी  बनाना

57.       पौधों/पेड़ों के बीज और कलमी पौधे तैयार करना

58.       कृषि उपकरणों की मरम्मत का कार्य

59.       सोलर ऊर्जा उपकरणों की मरम्मत और मार्केटिंग का कार्य

  

📋 आवश्यक रजिस्ट्रेशन/लाइसेंस

रजिस्ट्रेशन का नाम        आवश्यकता

1. MSME (Udyam) रजिस्ट्रेशन छोटे उद्यम के रूप में पहचान

2. FSSAI लाइसेंस         खाद्य उत्पादों के लिए जरूरी

3. GST रजिस्ट्रेशन        अगर सालाना बिक्री ₹20 लाख+ हो

4. बैंक खाता + UPI ID पेमेंट लेने के लिए

5. लोकल पंचायत/नगर निकाय अनुमति (कभी-कभी आवश्यक)

शुरुआत में आप MSME और FSSAI (₹0-₹100) में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

 

🎯 ग्राहक कौन होंगे?

गांव, शहर, कस्बे के स्थानीय ग्राहक

आसपास की दुकानें, होटल, किराना स्टोर

ऑनलाइन ग्राहक (WhatsApp, Instagram, Facebook)

ऑर्गेनिक बाजार, किसान बाजार, हाट बाजार

संस्थान, स्कूल, मंदिर, आयुर्वेदिक केंद्र

 

📈 बाजार और मार्केटिंग कैसे करें?

ऑफलाइन:

स्थानीय हाट-बाजार में स्टॉल लगाएँ

गांव/कस्बे की दुकानों में सप्लाई करें

मंदिर, आश्रम, स्कूल से संपर्क करें

पंचायत, NGO, SHG से जुड़ें

पास के शहरों/महानगरों में दुकान/माल/ विक्रेता से संपर्क करें

 

ऑनलाइन:

WhatsApp स्टेटस/ग्रुप में प्रचार करें

Instagram/Facebook पेज बनाएं

Google My Business पर रजिस्ट्रेशन करें

 Amazon, Flipkart, BigBasket पर लिस्टिंग करें (बाद में)


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