स्वरोजगार : माइक्रोग्रीन्स (Microgreens) को घर पर ऊगा कर शहरी क्षेत्रों (cities) में इसे स्वरोजगार और आमदनी का अच्छा स्त्रोत बनाया जा सकता है।
माइक्रोग्रीन्स (Microgreens) को घर पर ऊगा कर शहरी क्षेत्रों (cities) में इसे स्वरोजगार और आमदनी का अच्छा स्त्रोत बनाया जा सकता है। 🔹 Step 1: माइक्रोग्रीन्स बिज़नेस क्यों? शहरी लोगों में हेल्दी फूड और ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ रही है। बहुत कम जगह (किचन, बालकनी, छत) और कम लागत में शुरू किया जा सकता है। 7–21 दिन में तैयार होकर तुरंत बिकने लायक। महीने में अच्छा मुनाफा (₹10,000–₹50,000 तक) संभव। 🔹 Step 2: आवश्यक सामग्री (Materials & Equipment) कच्चा माल (Raw Material) बीज (मूली, सूरजमुखी, धनिया, अल्फाल्फा, बेसिल, मूंग आदि) मिट्टी, कोकोपीट, वर्मीकम्पोस्ट या हाइड्रोपोनिक मीडियम (कॉटन/पेपर टॉवल भी चल सकता है) उपकरण (Equipment) प्लास्टिक/बायोडिग्रेडेबल ट्रे या गमले स्प्रे बॉटल (पानी के लिए) LED Grow Light (अगर धूप न हो तो) कैंची / छोटा चाकू (कटाई के लिए) पैकिंग बॉक्स/कंटेनर (फूड ग्रेड) छोटा वज़न मशीन (100g, 200g पैकिंग के लिए) 🔹 Step 3: तैयार उत्पाद (Final Product) ताज़े माइक्रोग्रीन्स पैक (100 ग्राम, 200 ग्राम पैकेट्स) Live Tray (ग्राहक को पूरा ट्रे बेच सकते हैं ताकि ...